Expensive Fruit : कौनसा है दुनिया का सबसे महंगा फल, कितनी है कीमत, क्या है कारण
Expensive Fruit : जब भी महंगी चीजों की बात होती है, तो आमतौर पर दिमाग में लग्जरी कार (luxuary car) , सोना (gold) या हीरे जैसी चीजें आती हैं। लेकिन आज हम आपको अपनी इस खबर में एक ऐसे फल के बारे में बताने जा रहे है। जिसकी कीमत एक नई कार से भी अधिक हो सकती है। बता दें कि यह फल केवल जापान में उगता है और इसे दुनिया का सबसे महंगा फल माना जाता है-
HBN News TV – (Most Expensive Fruit) जब भी महंगी चीजों की बात होती है, तो आमतौर पर दिमाग में लग्जरी कार, सोना या हीरे जैसी चीजें आती हैं। लेकिन जापान में एक ऐसा खरबूजा है जिसकी कीमत एक नई कार से भी अधिक हो सकती है। इसका नाम युबारी किंग मेलन है। यह केवल जापान (japan) में उगता है और इसे दुनिया का सबसे महंगा फल माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस खरबूजे की कीमत (price of melon) इतनी अधिक क्यों है।
क्या है युबारी किंग मेलन-
यह खरबूजा कैंटालूप की एक प्रीमियम किस्म (premium variety of cantaloupe) है और केवल जापान के होक्काइडो द्वीप के युबारी इलाके (Yubari area) में उगाई जाती है। इसे सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि एक लग्जरी प्रोडक्ट (luxuary product) के रूप में माना जाता है। यह अपने एकदम गोल आकार, चिकनी जालीदार स्किन (smooth mesh skin), चमकदार गूदे और शानदार मिठास के लिए जाना जाता है।
क्या है इसमें खास-
इस खरबूजे की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंची कीमत है। इसे केवल युबारी इलाके में ही उगाया जा सकता है, यही इसकी सख्त भौगोलिक (geographical) पहचान है। वहां की मिट्टी ज्वालामुखी खनिजों (volcanic minerals) से समृद्ध है और दिन-रात के तापमान में बड़े अंतर के कारण यह फल बेजोड़ मिठास और अनोखी खुशबू विकसित करता है।
खेती नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रयोग-
यह खरबूजा ग्रीनहाउस में बेहद नियंत्रित परिस्थितियों (Highly controlled conditions in a greenhouse) के तहत उगाया जाता है। किसान तापमान, नमी, सूर्य की रोशनी और पानी की गुणवत्ता तक पर बारीकी से नजर रखते हैं। कई मामलों में तो हर पौधे पर सिर्फ एक ही खरबूजा उगाया जाता है ताकि सभी पोषक तत्व (Nutrients) एक ही खरबूजे में आएं।
कम उत्पादन से बढ़ी मांग-
यह खरबूजा हर साल बहुत कम मात्रा में उगाया जाता है। जो फल मिठास या दिखावट के सख्त मानकों को पूरा नहीं करते, उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता है। इस कमी और दुनिया भर में उत्सुकता और मांग के कारण इसकी कीमतें बहुत बढ़ जाती हैं। बता दें कि पहली फसल पारंपरिक रूप से नीलामी में बेची (sold at auction) जाती है, जहां बड़ी कंपनियां पब्लिसिटी (publicity) और रिसर्च (research) हासिल करने के लिए जोरदार बोली लगाती हैं। एक नीलामी में इस खरबूजे का जोड़ा 33 लाख रुपये में बिका था।
First published on: December 16, 2025 11:16 PM