Gehu ka Rate : गेहूं की कीमतों में बढ़ोतरी, नई कीमत हुई तय, अब इतने का बिकेगा गेहूं
Gehu ka Rate देशभर में इस साल गेहूं की बुवाई तेजी से हो रही है और संभावना जताई जा रही है कि इस बार पिछले साल का उत्पादन रिकॉर्ड टूट सकता है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने पहले ही रबी मार्केटिंग सीजन (Rabi Marketing Season) 2026-27 के लिए गेहूं के एमएसपी में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है... ऐसे में आइए नीचे खबर में ये जान लेते है कि आखिर गेहूं की नई कीमते (New wheat prices) कितने रुपये तय हुई है-
HBN News TV – देशभर में इस साल गेहूं की बुवाई तेजी से हो रही है और संभावना जताई जा रही है कि इस बार पिछले साल का उत्पादन रिकॉर्ड (production records) टूट सकता है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार (central government) ने पहले ही रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं के एमएसपी में बढ़ोतरी (Increase in MSP of wheat) की घोषणा कर दी है। इस बीच, प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश के किसानों के लिए गेहूं के दाम को लेकर बड़ा ऐलान सामने आया है।
राज्य सरकार ने इस बार भी गेहूं की खरीद 2,600 रुपये प्रति क्विंटल (Wheat procurement at Rs 2,600 per quinta)l की दर से करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर के बंडा से यह घोषणा की। जानकारी के अनुसार, इस साल गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, यानी किसानों को महज 15 रुपये प्रति क्विंटल का फायदा मिलेगा।
विपक्ष पर सीएम मोहन यादव ने साधा निशाना-
बंडा में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को पहले की तरह प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराएगी और खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
सभा में डॉ. यादव ने कहा कि विपक्ष लगातार यह सवाल उठा रहा था कि सरकार सोयाबीन के भावांतर (price of soybean) या धान के बोनस के लिए आवश्यक धन कहां से जुटाएगी। लेकिन, वे ये स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारी सरकार के पास पैसे के कोई कमी नहीं है. किसानों को एमएसपी का लाभ (Benefits of MSP to farmers) दिया जाएगा।
किसानों को मिल रही भावांतर की राशि-
उन्होंने बताया कि भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) के तहत सोयाबीन का कुल मूल्य 5,328 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को प्रदान किया जा रहा है और धान पर भी बोनस जारी रहेगा। राज्य में गेहूं की खरीद प्रक्रिया (wheat procurement process) नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से संचालित की जाएगी।
पिछली बार मिला था 175 रुपये क्विंटल बोनस-
इस साल सोयाबीन की कम पैदावार (low soybean yields) और मक्का के घटते दामों (falling corn prices) से परेशान किसानों के लिए यह फैसला राहत देने वाला साबित होगा। केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि राज्य सरकार 15 रुपये की प्रोत्साहन राशि जोड़कर कुल दर 2,600 रुपये प्रति क्विंटल करेगी।
पिछले साल एमएसपी 2,425 रुपये था और मध्य प्रदेश ने किसानों को 175 रुपये अतिरिक्त देकर राहत प्रदान की थी। इस साल प्रोत्साहन राशि कम होने के बावजूद कुल मूल्य को स्थिर रखने से किसानों को खरीद में विश्वास मिलेगा और मार्केटिंग सीजन (marketing season) के दौरान बाजार में अस्थिरता कम होगी।
First published on: December 04, 2025 01:56 PM