Haryana Weather : गेहूं के लिए संजीवनी बना ठंड और कोहरा, कैथल में छाए रहे दिनभर बादल
Haryana Weather : कैथल जिले में मौसम में आए बदलाव से ठंड बढ़ गई है और दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। सुबह के समय घना कोहरा भी देखने को मिला, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि ठंड और कोहरा गेहूं की फसल (wheat crop) के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। दरअसल इससे किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद बंधी है-
HBN News TV – (Weather News) जिले में शनिवार को मौसम ने करवट ली, जिससे ठंड का असर बढ़ गया। सुबह के समय घनी धुंध छाए रहने से जनजीवन प्रभावित रहा और दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों (drivers) को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं दिनभर आसमान में बादल (Haryana Weather update) छाए रहने से तापमान में गिरावट महसूस की गई। मौसम में आए इस बदलाव से गेहूं और सरसों की फसलों को लाभ (Benefits to mustard crops) मिलने की उम्मीद है।
शनिवार में कुछ ऐसा रहा तापमान
शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने के साथ धुंध की संभावना बनी हुई है। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से ठंड का असर लगातार बना हुआ है और सुबह के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है।
ठंड और कोहरे का असर किसानों के लिए फायदेमंद (farmers benefit) साबित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जितनी अधिक ठंड पड़ेगी, गेहूं की फसल को उतना ही लाभ मिलेगा और पौधों की बढ़वार बेहतर होगी। बेहतर ग्रोथ से उत्पादन भी अच्छा होने की उम्मीद रहती है। किसान महेंद्र और राजेश ने बताया कि मौजूदा मौसम गेहूं के लिए खास तौर पर अनुकूल है। फसल में पहला पानी लगाया जा चुका है और अब दूसरे पानी की तैयारी चल रही है। ठंड के कारण गेहूं की पैदावार (Wheat production) बेहतर रहने की संभावना है।
बढ़ रही समस्याएं
मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां (health related diseases) भी बढ़ रही है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतनी जरूरी है। मौसम में बदलाव के साथ ही स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने लगा है।
खांसी, जुकाम, बुखार और गले में संक्रमण (throat infection) के मामलों में तेजी देखी जा रही है। नागरिक अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीज मौसम से जुड़ी बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सक मरीजों (doctor patients) को जरूरी दवाएं देने के साथ ठंड से बचाव और सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
First published on: December 14, 2025 09:31 PM