Repo Rate का Home Loan पर सीधा प्रभाव,अब इतनी कम हो जाएगी EMI
Repo Rate Cut : हाल ही में आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती कर दी है। रेपो रेट में कटौती का सीधा प्रभाव होम लोन की ईएमआई पर रहने वाला है। बता दें कि अब होम लोन की ईएमआई (Home loan EMI) कम हो जाएगी। इसकी वजह से आम लोगों को काफी लाभ होने वाला है। आइए जानते हैं रेपो रेट कम होने की वजह से होम लोन की ईएमआई कितनी रहने वाली है।
HBN News TV-(Repo Rate Effect on EMI) जानकारी के लिए बता दें कि रेपो रेट वो ब्याज दर होता है, जिसके हिसाब से ही आरबीआई बैंक को पैसा देती है। जब भी आरबीआई रेपो रेट में कटौती करती है तो फिर बैंक (Loan Interest Rate) भी लोन की ब्याज दरों को कम कर देते हैं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से रेपो रेट से जुड़ी पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। खबर में जानिये इस बारे में।
रेपो रेट में हुई कटौती-
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI Latest Update) ने दिसंबर MPC में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट तक की कटौती कर दी है। कटौती के बाद इसका ब्याज दर 5.25 प्रतिशत पर पहुंच गया है। केंद्रीय बैंक साल 2025 में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती कर चुका है। इस फैसले के बाद होम लोन की ब्याज दर (Repo Rate Cut) कम होकर 7.10 प्रतिशत तक का हो जाएगा। ऐसे में सोना अब ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच सकती है। यह दर कई निजी बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दर के बराबर पर पहुंच जाएगी। इसका सीधा मतलब ये है कि घरेलू कर्ज लंबे समय बाद इतना सस्ता होता नजर आ रहा है।
होम लोन की इतनी होगी ब्याज दर-
अब होम लोन की ब्याज दरों के बारे में बात करें तो कई सरकारी बैंक फिलहाल 7.35 प्रतिशत की दर पर होम लोन ऑफर कर रही है। इनमें जैसे यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंकों (Indian Overseas Banks) को शामिल किया गया है। अगर ये 0.25 प्रतिशत के रेपो रेट का पूरा फायदा ग्राहकों को मिलने वाला है। ऐसे में अब ब्याज दर घटकर 7.10 प्रतिशत तक जा पहुंचेगा।
एक्सपर्ट्स ने दी जानकारी-
हाल ही में एक्सपर्ट्स ने जानकारी देते हुए बताया है कि RBI का रेपो रेट 25 bps घटाने का फैसला होम लोन लेने वालों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आ रही है। ज्यादातर फ्लोटिंग रेट होम (Home Loan Floting Rate) लोन सीधे रेपो रेट से जुड़े हुए होते हैं। इस वजह से बैंक जब ये कटौती पास-ऑन करते हैं तो फिर होम लोन की EMI कम होने की संभावना लगाई जा रही है।
GDP आउटलुक में आएगा सुधार-
वहीं जहां तक संभावित घर खरीदारों का सवाल है तो फिर कम ब्याज दरों (Home loan rates) की वजह से लोन अफोर्डेबिलिटी बेहतर हो जाती है और खरीद का फैसला भी जल्द ही लिया जा सकता है। खासतौर पर मिड-इनकम ग्रुप के लिए ये फैसला लिया जाएगा। ये कदम हाउसिंग डिमांड (Housing Demand) में बढ़ौतरी करने वाला है। ऐसे में उपभोक्ता भरोसा मजबूत करने वाला है। GDP आउटलुक में सुधार के साथ, ये पॉलिसी पूरे हाउसिंग इकोसिस्टम के लिए सकारात्मक माहौल के रूप में तैयार हो सकता है। वहीं इनक्लूसिव होम-बाइंग को बढ़ावा मिलने वाला है।
होम लोन की इतनी होगी EMI-
अगर बैंक अपनी दरें 7.35 प्रतिशत से कम करके 7.10 प्रतिशत तक का कर देती है तो फिर होम लोन ग्राहकों को EMI में राहत प्रदान कर सकती है। इसका कैलकुलेशन (Home Loan Calculation) को नीचे टेबल में देखा जा सकता है। इसमें 20 लाख से 1 करोड़ रुपये के लोन पर EMI में बदलाव का हिसाब लगाया जा रहा है। लोन की अवधि 20 साल तक की मानी गई है।
जानिये कितने लाख रुपये के लोन पर होगी कितनी बचत-
20 लाख का लोन लेने पर अगर 7.35 प्रतिशत पर लेते हैं तो इससे आपकी किस्त (Loan EMI Calculation) 15,928.92 रुपये की है तो 7.10 प्रतिशत ब्याज दर होने के बाद ये 15,626.26 रुपये की हो जाएगी। ऐसे में आज 20 साल में कुल 7,72,640 रुपये की बचत कर सकते हैं।
30 लाख का होम लोन 7.35 प्रतिशत ब्याज पर अगर लेते हैं तो इसकी किस्त (Loan EMI) 23,893.38 रुपये की है। वहीं ब्याज दर कम होने पर किस्त 23,439.38 रुपये हो जाएगी। ऐसे में आप हर महीने 454 की बजत कर सकते हैं।
40 लाख का लोन लेने पर 31,857.85 रुपये हर महीने किस्त के तौर पर देने होंगे। वहीं ब्याज दर (Home Loan Interest Rate) कम होने के बाद किस्त 31,252.51 रुपये हो जाएगी। 20 साल में आप 1,45,280 रुपये की बचत कर सकते हैं।
50 लाख का लोन लेने पर आपको किस्त (Home loan EMI) के तौर पर 39,822.31 रुपये देने होंगे। वहीं ब्याज दर कम होने के बाद किस्त सिर्फ 39,065.64 रुपये की रह जाएगी। ऐसे में आप 756.67 रुपये की बजत कर सकते हैं।
1 करोड़ रुपये के लोन पर हर महीने की किस्त 79,644.62 रुपये की बनेगी। ब्याज दर (Home Loan Interest Rate) कम हो जाने के बाद किस्त 78,131.28 रुपये की हो जाएगी। इस स्थिति में आप 1,513 रुपये प्रति माह बचा सकते हैं।
ब्याज दरें होगी कम-
कम ब्याज दरें सीधे तौर पर अफोर्डेबिलिटी बढ़ने वालजी है। EMI (Loan EMI) कम होने के बाद कम होने के बाद वही आय में बड़े घर की क्षमता बढ़ जाती है। ये बदलाव खासतौर पर पहली बार घर खरीदने वालों और मिड-इनकम फैमिलीज को तुरंत प्रभाव करने वाला है। जोकि EMI के कारण महीनों से फैसला टाला जा रहा था। ब्याज दर (Home Loan Intrest Rate) कम होने के बाद लोन लेना आसान हो जाता है। इसके साथ ही, डेवलपर्स के लिए भी लोन की लागत घटने की उम्मीद लगाई जा रही है।
होम लोन की ईएमआई होगी कम-
फिलहाल जिनके होम लोन पर अभी भी 8 प्रतिशत से 9 प्रतिशत तक का ब्याज दर चल रहा है। उनके लिए ये समय बैलेंस ट्रांसफर का अच्छा मौका बनकर सामने आ सकता है। नई ब्याज दरों (new interest rates of Home Loan) पर लोन शिफ्ट करने से EMI कम होने की उम्मीद लगाई जा रही है। वहीं पूरे कार्यकाल में लाखों रुपये की बचत होने की संभावना लगाई जा रही है। EMI कम होने के बाद मासिक बजट (new interest rates) पर भी दबाव कम होने वाला है। वहीं अतिरिक्त खर्च के लिए गुंजाइश नहीं बनती है।
रियल एस्टेट सेक्टर में छाई रौनक-
रेपो रेट कम होने की वजह से रियल एस्टेट बाजार में भी तेजी आने की संभावना लगाई जा रही है। घरों की कीमतें पिछले एक साल में लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ऐसे में EMI (EMI Calculation) में होने वाली छोटी राहत भी खरीदारों के लिए एक बड़ा फर् बनकर सामने आ सकता है। डेवलपर्स ने जानकारी देते हुए बताया है कि कम ब्याज दरें खरीदारी के फैसले को और भी ज्यादा तेज कर सकते हैं। वहीं मार्केट सेंटिमेंट में सुधार लाती हैं। NCR, मुंबई, पुणे (Home Loan) और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी इसका प्रभाव देखा जा सकता है।
First published on: December 07, 2025 07:11 PM