RBI फिर दे सकता है लोगों को राहत, रेपो रेट में हो सकती है कटौती
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक आज अपने नतीजे पेश करेगी और आम लोगों से लेकर कारोबारी वर्ग तक सभी की निगाहें इस फैसले पर टिकी हैं। आपको बता दें कि पिछले कई महीनों से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार केंद्रीय बैंक (central bank) ब्याज दरों में राहत दे सकता है...
HBN News TV – (RBI MPC Meeting) भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 दिसंबर को शुरू हुई थी और यह आज, 5 दिसंबर तक चलेगी। बैठक के नतीजे आरबीआइर् गवर्नर संजय मल्होत्रा (RBI Governor Sanjay Malhotra) द्वारा आज लगभग 10 बजे घोषित किए जाएंगे।
कार और होम लोन (Home loan) लेने वालों को अब बेसब्री से इंतजार है कि MPC आज क्या फैसला सुनाती है। सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या RBI रेपो रेट में बदलाव करेगा या फिर इसे पहले की तरह 5.50% पर ही स्थिर रखेगा।
रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती संभव –
कई विश्लेषकों का मानना है कि ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश बनी हुई है। क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री धर्मकीर्ति जोशी ने कहा, “दिसंबर में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की संभावना है। विकास दर भले ही मज़बूत हो, लेकिन अक्टूबर में खुदरा महंगाई (retail inflation) में आई उल्लेखनीय गिरावट ने इस समायोजन की अतिरिक्त गुंजाइश पैदा कर दी है।”
अब तक रेपो रेट में कितनी कटौती हुई-
इस वर्ष अब तक रेपो रेट में RBI ने 3 बार कटौती की है। आरबीआई ने फरवरी 2025 में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की थी, जिसके बाद रेपो रेट 6.50% से 6.25% हो गया था। फिर अप्रैल 2025 में रेपो रेट में दोबारा 0.25% की कटौती की गई, जिसके बाद रेपो रेट 6.25% से 6% हो गया था। वहीं, जून 2025 में आरबीआई ने रेपो रेट में 0.50% की कटौती की थी, जिसके बाद रेपो रेट 6% से 5.50% हो गया था।
RBI ने अगस्त 2025 में रेपो रेट (repo rate) में कोई बदलाव नहीं किया था। अक्टूबर की बैठक में भी केंद्रीय बैंक (central bank) ने रेपो रेट को 5.50% पर स्थिर रखा। अब बाजार (market) की निगाहें दिसंबर 2025 की नीति पर टिकी हैं, जहां यह देखना अहम होगा कि इस बार RBI रेपो रेट में कटौती करता है या इसे ऐसे ही रखता है।
रेपो रेट में 25-50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती करके 5.25% करना उचित-
भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट की संस्थापक लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन (Lakshmi Venkataraman Venkatesan, founder of Bharatiya Yuva Shakti Trust) के अनुसार, पिछले एक साल में रेपो रेट 6.5% से घटकर 5.5% तक आ गया है। अक्टूबर में खुदरा महंगाई एक दशक के सबसे निचले स्तर पर रही और यह केवल 0.25% दर्ज की गई, जबकि होलसेल कीमतों में 1.21% की गिरावट देखी गई।
माइक्रो और छोटे बिजनेस (small businesses) को मिलने वाले लगभग 70% लोन सीधे रेपो रेट से जुड़े होते हैं। ऐसे में रेपो रेट घटने पर उनकी उधार लेने की लागत तुरंत कम हो जाती है-बशर्ते बैंक अपनी मार्जिन दरें बढ़ाकर इस राहत को संतुलित न कर दें।
उन्होंने कहा कि फिर भी, चुनौतियां बनी हुई हैं क्योंकि माइक्रो बिजनेस अभी भी संघर्ष कर रहे हैं, खासकर महिला एंटरप्रेन्योर्स (women entrepreneurs), क्योंकि उनमें से 85% को बैंक लोन (bank loan) लेने में रुकावटों का सामना करना पड़ता है।
क्रेडिट गैप (credit gap) अभी भी बहुत ज्यादा है, और पॉलिसी (policy) का माहौल बेहतर होने के बावजूद, लागू करने के लेवल पर फाइनेंस तक पहुंच अभी भी मुश्किल है। इस स्थिति को देखते हुए, रेट्स में और 25-50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती (Reduction of basis points) करके 5.25% करना सही है और इसकी बहुत जरूरत है।
First published on: December 05, 2025 04:50 PM