Income Tax : ये 8 तरह की ट्रांजैक्शन करने पर आ जाएगा इनकम टैक्स का नोटिस, हो जाएं सावधान
Income Tax Notice : इनकम टैक्स विभाग द्वारा भारत में हो रही हर एक ट्रांजैक्शन पर नजर रखी जाती है। ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति ऐसी ट्रांजेक्शन करता है जो विभाग की नजरों में सही नहीं है तो विभाग द्वारा तुरंत नोटिस (IT Notice) भेज दिया जाता है। ऐसे में हम आपको 8 ऐसी ट्रांजेक्शन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको करने पर विभाग तुरंत नोटिस भेज देता है। आइए जानते हैं इन ट्रांजेक्शन के बार में।
HBN News TV-(Income Tax News) इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा न सिर्फ टैक्स की वसूली की जाती है, बल्कि कोई भी गैर कानूनी या बिना सोर्स की ट्रांजेक्शन करने पर नोटिस भेज (IT Notice) दिया जाता है। वहीं नोटिस का जवाब न दे पाने की स्थिति में मुश्किलें बढ़ सकती है। इसके साथ साथ विभाग कुछ खास तरह की ट्रांजेक्शन पर तो अपनी नजरें गडाएं रखती हैं। खबर में जानिये इन ट्रांजेक्शन (Income Tax Transaction) के बारे में पूरी जानकारी।
सेविंग अकाउंट में कराएं इतनी राशि जमा-
अगर आप एक साल के अंदर ही अपने सेविंग अकाउंट में 10 लाख रुपये से ज्यादा का नकद जमा करा देते हैं तो फिर बैंक इस जानकारी को सिस्टम के जरिए सीधे आयकर विभाग (IT Department) तक पहुंचा देती है। ये अवैध नहीं है, हालांकि विभाग इस बात को देखना चाहता है कि इतनी बड़ी कैश एंट्री का सोर्स सैलरी, बिजनेस, प्रॉपर्टी बिक्री, गिफ्ट या किसी और legitimate वजह से जुड़ा हुआ है या फिर नहीं।
फिक्स्ड डिपॉजिट में करें इतनी राशि इंवेस्ट-
इसके साथ साथ फिक्स्ड डिपॉजिट में 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का कैश डिपोजिट कराने पर भी इसको high-value कैटेगरी में रखा जाता है। इस तरह के बड़े नकद निवेश (FD Limit) की रिपोर्ट टैक्स सिस्टम में भेज दी जाती है। इसकी वजह से ये जांचा जा सकता है कि घोषित आय, ITR और आपके निवेश के बीच कोई बड़ा mismatch तो नहीं हो रहा है।
कैश में करें इतनी ट्रांजैक्शन-
अगर आप एक साल के भीतर 1 लाख रुपये से ज्यादा cash में या 10 लाख रुपये से ज्यादा ऑनलाइन या बैंक के जरिए क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करते हैं तो ये भी रिपोर्टेबल ट्रांजैक्शन (Reportable Transaction) को दर्शाती है। यहां विभाग ये समझने की कोशिश करती है कि आपका कार्ड खर्च आपकी declared income से मेल खाता है या फिर नहीं, इसका मतलब है कि लाइफस्टाइल कहीं आय से बहुत ऊपर तो नहीं होती है।
टैक्स की सही रिपोर्टिंग कराएं चैक-
एक साल के अंदर शेयर, म्यूचुअल फंड या बॉन्ड में 10 लाख रुपये से ज्यादा की खरीद-बिक्री भी इनकम टैक्स डेटाबेस तक पहुंच जाती है। इसकी वजह से कैपिटल गेन, लॉस और उससे जुड़े टैक्स (Income tax News) की सही रिपोर्टिंग की cross-checking करना काफी ज्यादा आसान हो जाता है। खासतौर पर उनके लिए जो मार्केट से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। हालांकि ITR में उसे कम दिखाया जा रहा है।
एक साथ में खरीदें इतनी रियल एस्टेट-
रियल एस्टेट में 30 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री को अपने आप ही सिस्टम में दर्ज कर दिया जाता है। अगर डील में आप भारी कैश का यूज करते हैं तो फिर रिस्क (High Risk Transaction) और भी ज्यादा बढ़ जाता है। यहां पर फोकस इस बात पर किया जा रहा है कि प्रॉपर्टी वैल्यू और पेमेंट मोड में कहीं under-reporting या बेनामी कैश को तो नहीं छुपाया गया है।
इतनी ज्वेलरी खरीदने पर दिखाना होगा पैन-
2 लाख रुपये से ज्यादा की ज्वेलरी की खरीदी करने के लिए PAN कार्ड का होना काफी ज्यादा जरूरी है। ये डेटा सीधे IT सिस्टम में भेज दिया जाता है। इसकी वजह से सोने-चांदी (Gold Buying Limit) में ब्लैक मनी पार्क न की जा सकती है। इसी तरह इंटरनेशनल ट्रैवल पैकेज पर बड़ा खर्च या लॉकर में रखी गई high-value ज्वेलरी या गोल्ड के पीछे का सोर्स भी जरूरत पड़ने पर scrutiny में दर्ज की जा सकती है।
बिजनेसमेन दें इन बातों का ध्यान-
इसके साथ साथ बिजनेसमेन अगर UPI या डिजिटल पेमेंट से बहुत बड़े अमाउंट की ट्रांजेक्शन करता है तो ये डेटा बिजनेस की असली आमदनी cross-check करने के लिए यूज किया जा सकता है। टैक्स नोटिस (IT Notice) से बचने के लिए ये काफी ज्यादा जरूरी है कि हर बड़े ट्रांजैक्शन का सोर्स डाक्यूमेंटेड हो, ITR में सही इनकम को दर्शाया जाएं और PAN–आधार लिंक्ड अकाउंट में नकदी की आवाजाही (cash movement) सोच-समझकर ही किया जाए।
First published on: December 12, 2025 09:34 PM