पत्नी के साथ मिलकर कराई है FD तो हो जाएं सावधान, इनकम टैक्स का आ जाएगा नोटिस
Joint FD Rules : आजकल बचत के लिए एफडी को निवेश का सबसे सुरक्षित ऑप्शन माना जाता है। कई लोग पत्नी के साथ मिलकर ज्वाइंड एफडी (joint FD Rules 2025) भी कराते हैं। अगर आपने भी पत्नी के साथ एफडी खाता खुलवाया है तो सावधान हो जाएं, ऐसे में आपके घर आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है।
HBN News Tv (Fixed Deposit)। एफडी यानी फिक्स्ड डिपोजिट बेशक आज के समय में रिस्कफ्री निवेश और गारंटिड रिटर्न का ऑप्शन है, लेकिन एफडी (FD new rules) कराने वालों को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। अगर पत्नी के साथ ज्वाइंड एफडी खाता है तो संभलने की जरूरत है, इस स्थिति में आपके पास आयकर विभाग (income tax department) का नोटिस आ सकता है। आइये जानते हैं इस ज्वाइंट खाते पर आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
ब्याज पर लगता है टैक्स-
एफडी पर मिलने वाला ब्याज (FD interest rates) एक निर्धारित राशि से अधिक होता है तो उस पर टैक्स (tax on FD) चुकाना पड़ता है। पत्नी के साथ ज्वाइंड एफडी खाता खुलवाकर भी इस टैक्स से बचा नहीं जा सकता।
एफडी (fixed deposit) पर मिलने वाला ब्याज आय में गिना जाता है। आयकर विभाग ऐसी एफडी पर नजर रखते हुए यह निश्चित करता है कि उस एफडी में कौन पैसा निवेश कर रहा है। जो निवेश कर रहा है, टैक्स (tax rules on FD) भी उसी को देना होगा। आयकर विभाग के इस नियम का एफडी निवेशक को ध्यान रखना चाहिए।
आयकर विभाग कब भेजता है नोटिस-
एफडी पत्नी के नाम होने पर कई बार पति ही इसमें निवेश (FD investment tips) करता है, ऐसे में यह ‘बेनामी’ लेन-देन के अंतर्गत आ सकता है। विभाग के अनुसार आप ऐसा करके अपनी आय को किसी अन्य के नाम दिखा रहे हैं।
ऐसा करना विभागीय नियमों (IT rules for FD) के विरुद्ध तो है ही, कानूनन भी यह गलत है। विभाग इस स्थिति में संबंधित निवेशक को नोटिस (IT notice on FD) भेज सकता है। कार्रवाई के रूप में जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस स्थिति में विभाग की नजर में उस पैसे की कमाई का सोर्स पति की आय ही माना जाता है।
गलत जानकारी दी तो होगी यह कार्रवाई-
अक्सर देखा जाता है कि बहुत से लोग टैक्स (tax rules for Joint FD) बचाने के लिए फॉर्म 15G या 15H भर देते हैं, ताकि TDS कटने से बच सकें लेकिन टैक्स लिमिट से टोटल आय कम होने पर ही ये फार्म भरने चाहिए।
गलत जानकारी देकर ये फॉर्म भरना टैक्स चोरी (tax evasion) के दायरे में आता है। ऐसे में इनकम टैक्स विभाग आपको नोटिस भेजकर जवाब तलब कर सकता है। जवाब से संतुष्ट न होने पर विभाग आगामी कार्रवाई के रूप में टैक्स डिमांड (tax demand notice) भी कर सकता है।
इन मामलों में रहें पारदर्शी-
आयकर विभाग से जालसाजी करना आपको भारी पड़ सकता है। इसलिए बेहतर है कि पहले ही वित्तीय मामलों में पारदर्शी रहें। यह स्पष्ट रखें कि FD में योगदान पति ने किया है या पत्नी ने। एफडी (Income Tax Rules for Joint FD) पर आपको जो भी ब्याज मिल रहा है, उसे आय मानते हुए ITR में जरूर बताएं।
ज्वाइंट FD में पत्नी के बजाय पति ही रुपये भर रहे हैं तो उन्हें फर्स्ट होल्डर बनाना सही रहेगा। टीडीएस (TDS rules on FD) कटने से बचने के लिए फॉर्म 15G या 15H भरना है तो वास्तवितक पात्रता होने पर ही भरने चाहिए, अन्यथा यह टैक्स चोरी मानी जाएगी।
इन दस्तावेजों को रखें सहेजकर-
ज्वाइंट एफडी में निवेश (FD investment) करते हैं तो इसकी हर रसीद संभालकर रखनी चाहिए। इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट को भी अच्छी तरह सहेजकर रखें। आपको संयुक्त एफडी के टैक्स नियमों (income tax rules) का पता होना बहुत जरूरी है। इस तरह की एफडी (FD news) में निवेश करने से पहले और बाद में निवेश विशेषज्ञों से परामर्श कर लेना बेहतर रहता है। बेहतर प्लानिंग के साथ निवेश करना आपका अधिक फायदा मिल सकता है।
First published on: August 27, 2025 05:26 PM