Sona-Chandi : नम्र पड़े सोने चांदी के दाम, निवेश करने से पहले जान लें एक्सपर्ट की राय
Sona-Chandi : सोना-चांदी ग्राहकों के लिए जरूरी खबर। दरअसल आपको बता दें कि सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। निवेशक अब यह सोच रहे हैं कि क्या यह निवेश के लिए सही समय है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लेने से पहले स्थिति को समझना जरूरी है-
HBN News TV – (Today Gold Price)। सोने की चमक लगातार तीसरे सप्ताह थोड़ी फीकी पड़ी है। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की बढ़ती ताकत और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) का सख्त रुख है। इन कारकों के चलते, निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से हट गया है। कमजोर डिमांड और छुट्टियों के कारण छोटा रहा यह सप्ताह, सोने की कीमतों को सीमित दायरे में घुमाता रहा। डॉलर की मजबूती से सोना निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो गया है।
जानें कितनी गिरी कीमतें?
MCX पर दिसंबर में डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव पिछले सप्ताह 165 रुपये (0.14 प्रतिशत) गिर गया। यह शुक्रवार को ₹1,21,067 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
आखिर बाजार में ठहराव क्यों?
एलजीटी वेल्थ इंडिया (LGT Wealth India) के सीआईओ, चिराग दोशी के अनुसार, अक्टूबर में सोने की कीमतों की तेज़ी (gold price hike) अब धीमी पड़ गई है। बाज़ार वर्तमान में ठहराव और वैल्यूएशन के दौर से गुज़र रहा है।
निवेशक बड़ी पोज़िशन लेने से पहले अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड (bond yield) से स्पष्ट संकेतों का इंतज़ार कर रहे हैं। इसका सीधा अर्थ है कि निवेशक अभी कोई बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं और बाज़ार की दिशा तय होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। (latest gold price)
डॉलर से उम्मीदें-
वेंचुरा के कमोडिटी प्रमुख एन एस रामास्वामी (Ventura’s commodity head N S Ramaswamy) ने कहा है कि सोने की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं क्योंकि बाजार में सकारात्मक उम्मीदें बरकरार हैं। उनके अनुसार, डॉलर इंडेक्स 98-100 के सीमित दायरे में है, और इसमें जरा सी भी कमजोरी आने पर सोने को मजबूती मिलेगी। निवेशकों को यह आशा है कि फेडरल रिजर्व (federal reserve) जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करेगा, जिसे सोने की कीमतों के लिए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है।
First published on: November 09, 2025 11:39 AM