Gold Purity Check : सोना खरीदने से पहले जान लें कैसे करें असली और नकली की पहचान, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान
Gold Purity Check : सोना खरीदते समय अक्सर कई लोेगों के मन में ये सवाल आता है कि आखिर क्या गहना असली है या नकली। दरअसल नकली गहने में निवेश करने से भारी नुकसान हो सकता है। लेकिन आपको बता दें कि गहना असली है या नकली (Is the jewelry real or fake?) इसे पहचानना मुश्किल नहीं है। कुछ आसान तरीकों से आप असली और नकली सोने में फर्क कर सकते हैं तो आइए जानें घर पर ही सोने की शुद्धता कैसे जांच सकते है आप-
HBN News Tv – (Gold Purity Check)। भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि सामाजिक परंपरा और आर्थिक सुरक्षा का अहम हिस्सा माना जाता है। शादी-ब्याह, और त्योहार हर मौके पर सोना खरीदने का चलन है। साथ ही, मुश्किल वक्त में सोना एक सुरक्षित संपत्ति (gold is a safe asset) बनकर उभरता है। इसे बेचकर या गिरवी रखकर पैसे जुटाए जा सकते हैं।
हालांकि, इसका सही लाभ तभी मिलता है जब आपके पास पूरी तरह शुद्ध सोना हो। इसलिए खरीदते समय उसकी purity जांचना बेहद जरूरी है। ऐसे में आज हम आपको अपनी इस खबर में कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे है जिससे आप हॉलमार्किंग (Hallmarking), घरेलू तरीकों और भौतिक गुणों (physical properties) के जरिए असली सोने की पहचान कैसे कर सकते हैं।
हॉलमार्किंग शुद्धता पहचानने का सबसे भरोसेमंद तरीका-
भारत में सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने का सबसे भरोसेमंद तरीका BIS हॉलमार्किंग है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा दिया गया यह मार्क सोने की शुद्धता की आधिकारिक गारंटी (Official guarantee of purity of gold) माना जाता है। सरकार ने इसे जून 2021 से अनिवार्य कर दिया है।
BIS हॉलमार्किंग में तीन महत्वपूर्ण बातें शामिल होती हैं-BIS का त्रिकोणीय लोगो, सोने की शुद्धता (कैरेट या प्रतिशत में) और ज्वेलरी बनाने वाले की पहचान। ध्यान रहे, कुछ दुकानदार फर्जी हॉलमार्किंग (fake hallmarking) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि मार्किंग अस्पष्ट हो या जानकारी अधूरी लगे, तो उस आभूषण को खरीदने से बचना चाहिए।
कैरेट से सोने की पहचान-
24 कैरेट गोल्ड (24 carat gold) लगभग 99.9% शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और गहनों के लिए सही नहीं होता। इसका इस्तेमाल सिक्के या गोल्ड बार बनाने में होता है। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड (22 carat gold) 91.6% शुद्ध होता है। गहनों के लिए सबसे आम और सही होता है। इसमें 22 हिस्से सोने के और 2 हिस्से अन्य धातुएं (like silver or copper) मिलाए जाते हैं।
घर पर खरे सोने की ऐसे करे पहचान-
पानी टेस्ट: गहना पानी (water test) में डालें। असली सोना डूबेगा, नकली तैरेगा क्योंकि असली सोना भारी होता है।
बाइट टेस्ट: असली सोना नरम होता है, दांत से दबाने (bite test) पर हल्के निशान पड़ सकते हैं।
सिरेमिक टेस्ट: बिना चमक वाले सिरेमिक (ceramic test) पर गहना रगड़ें। सुनहरा निशान असली, काला निशान नकली का संकेत है।
सिरका टेस्ट: सोने पर सिरके (vinegar test) की कुछ बूंदें डालें। अगर रंग नहीं बदला तो सोना असली है। नकली सोना काला हो जाएगा।
मैगनेट टेस्ट: असली सोना चुंबक (magnet test) से नहीं चिपकता।
भौतिक गुणों से सोने की पहचान-
असली सोना हल्का पीला रंग (Genuine gold light yellow color) का होता है और इसकी चमक में एक अलग तरह की निखार दिखाई देती है। यह घना और भारी महसूस होता है। अगर किसी अन्य धातु या सतह से टकराया जाए, तो इसका आवाज भी खास होती है, जो नकली धातुओं सेअलग होती है।
सोना खरीदते समय केवल सुंदरता या कीमत नहीं, बल्कि शुद्धता की गारंटी को प्राथमिकता (Guaranteed purity is a priority) दें। हॉलमार्क देखें, कैरेट जांचें और जरूरत हो तो घरेलू टेस्ट करें। इससे आप नकली या मिलावटी सोना (fake or adulterated gold) खरीदने से बच सकते हैं।
First published on: November 29, 2025 03:06 PM