Gold Facts : सोना भाव से पहले जान लें गोल्ड की प्योरिटी चेक करने का रामबाण तरीका
Gold Purity - सोना खरीदने से पहले उसकी शुद्धता जानना बेहद जरूरी है। कई बार लोग चमक-दमक में फंसकर नकली या कम प्योरिटी वाला गोल्ड खरीद लेते हैं। ऐसे में अगर आप असली सोना पहचानना चाहते हैं, तो चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है गोल्ड की प्योरिटी चेक करने का रामबाण और आसान तरीका-
HBN News Tv (Gold Facts)। सोना खरीदना, विशेषकर भारतीय महिलाओं के लिए, केवल सजावट नहीं है, बल्कि यह शुभता का प्रतीक भी माना जाता है. यह देश में अत्यधिक प्रिय है। कुछ लोग सोने के आभूषणों (gold making secrets) से स्वयं को सजाकर सबका ध्यान आकर्षित करते हैं, जो इसकी लोकप्रियता और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है।
अब शादियों और अन्य समारोहों के लिए सोना खरीदना अनिवार्य हो गया है। वर्तमान में, एक तोला सोने की कीमत 1.20 लाख से अधिक है। सोने में मिलावट एक प्रमुख चिंता है, क्योंकि यह आभूषण बनाने में होने वाली सोने की बर्बादी और उसकी शुद्धता में कमी को दर्शाता है।
इसे आमतौर पर कैरेट और मिलावट (Adulteration) प्रतिशत दोनों को ध्यान में रखकर मापा जाता है. 24 कैरेट (24 carat pure gold) शुद्ध सोने में अन्य धातुओं को मिलाने से उसकी मजबूती बढ़ती है। लेकिन इस मिश्रण में धातुओं का प्रतिशत मिलावट को निर्धारित करता है। खासकर जब इसे शोरूम से खरीदा जाता है तो एक तरह से होता है और सुनार से बनवाने पर दूसरी तरह से।
24 कैरेट सोना अत्यधिक नाजुक होता है, जिससे इसके आभूषण बनाना कठिन हो जाता है. इसे मजबूती देने के लिए इसमें तांबा, चांदी, जिंक आदि जैसी धातुएं मिलाई जाती हैं. इन मिश्रित धातुओं का प्रतिशत ही सोने की शुद्धता निर्धारित करता है। कम प्रतिशत पर यह 22 कैरेट सोना कहलाता है, और अधिक प्रतिशत होने पर 18 कैरेट सोना।
सोने के आभूषण बनाने की प्रक्रिया में कटाई, जोड़ाई और चमकाने के दौरान कुछ सोना व्यर्थ हो जाता है। वारंगल के सुनार संतोष के अनुसार, 22 कैरेट सोने से आभूषण बनाने पर प्रति 10 ग्राम पर 1 ग्राम की मिलावट होती है। इसका अर्थ है कि 10 ग्राम सोने के बिस्किट से आभूषण बनवाने पर उसमें 1 ग्राम मिलावट रहेगी।
सोने के आभूषणों को पिघलाने पर उसमें मौजूद धातुएं वाष्पित हो जाती हैं. इसलिए आपको मिला बिस्किट का वजन आपके दिए गए आभूषण से कम होता है।
निवेश के नजरिये से देखें तो आभूषणों को पिघलाकर बिस्किट में बदलना फायदेमंद होता है। क्योंकि आप बिना मेकिंग चार्ज (making charge) के शुद्ध सोना हासिल करते हैं। अगर सोने को एक्सचेंज करना हो तो सुनार के पास पिघलाकर गोल्ड बिस्किट (Gold biscuit) या गड्डी देकर ज्वेलरी लेना फायदेमंद होता है।
सोने के आभूषण (gold jewelery) खरीदने और इस्तेमाल करने वाले कई लोग मिलावट की जानकारी के अभाव में नुकसान उठाते हैं। जब सोने का मूल्य 1.10 लाख से अधिक हो जाता है, तो इस तरह की जानकारी न होना उपभोक्ताओं के लिए अधिक महंगा साबित होता है। ज्वैलर्स (jewellers) का कहना है कि ग्राहकों को इस संबंध में जागरूक रहना चाहिए।
First published on: November 11, 2025 01:46 PM