Gold Silver Rate Hike : हो गया मालूम, इस कारण बढ़ रहा है सोने और चांदी का दाम
Gold Silver Rate Hike : पिछले कुछ दिनों से सोना और चांदी की कीमतों में तेज़ी का रुख बना हुआ है। लगातार बन रहे नए रिकॉर्ड और बाजार में बढ़ती हलचल के बीच हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर इन कीमती धातुओं के दाम क्यों बढ़ रहे हैं (Why are precious metal prices rising?)। ऐसे में अगर आप भी इसी सवाल से जुड़ा जवाब जानना चाहते है तो चलिए आइए जान लेते हैं आज इस खबर में-
HBN News TV (Why Gold Price is Increasing in India 2025) पिछले कुछ दिनों से सोना और चांदी की कीमतों में तेज़ी का रुख बना हुआ है। बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन दोनों कीमती धातुएं रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। इस दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 2 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार कर लिया।
अब बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोमवार को सरकार ने कहा कि सोना और चांदी की कीमतों में हालिया तेज़ी का मुख्य कारण भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) में इज़ाफा और वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर बनी अनिश्चितता है। इन्हीं वजहों से निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की मांग और कीमतें बढ़ी हैं।
सरकार ने दिया संसद में जबाव-
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Minister of State for Finance Pankaj Chaudhary) ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सोने और चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं (precious metals) की घरेलू कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही कीमतों, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर (exchange rate) और देश में लागू करों व शुल्कों के आधार पर तय होती हैं।
उन्होंने कहा, “कीमतों में हालिया तेज़ी काफी हद तक बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) और वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर बनी अनिश्चितता का नतीजा है, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है। इसमें दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (central banks) और बड़े संस्थानों द्वारा सोने की बड़े पैमाने पर की जा रही खरीद भी शामिल है।”
उपभोग के साथ निवेश का अहम जरिया है सोना-
उन्होंने आगे कहा कि चालू वर्ष के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी (silver price hike) दर्ज की गई है, हालांकि इन कीमती धातुओं पर सामाजिक-सांस्कृतिक (social cultural) और आर्थिक निर्भरता के स्तर के अनुसार अलग-अलग राज्यों और जनसंख्या समूहों पर इसका प्रभाव भी अलग हो सकता है। उन्होंने बताया कि सोना और चांदी दोहरी भूमिका (Gold and silver play a dual role) निभाते हैं-ये सिर्फ उपभोग की वस्तुएं ही नहीं, बल्कि निवेश का एक अहम साधन भी हैं, क्योंकि अनिश्चितताओं के दौर में इन्हें सुरक्षित संपत्ति के रूप में देखा जाता है।
कीमत तय करने में सरकार की कोई भूमिका नहीं-
चौधरी ने आगे कहा कि इस तरह सोने या चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी (gold-silver price hike) से घरेलू संपत्ति पर सकारात्मक असर पड़ता है, क्योंकि पहले से मौजूद सोने और चांदी के भंडार का काल्पनिक मूल्य बढ़ जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कीमती धातुओं की कीमतें (Precious Metals Prices) पूरी तरह बाजार द्वारा तय की जाती हैं और सरकार मूल्य निर्धारण में कोई हस्तक्षेप नहीं करती। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष (current financial year) में सितंबर तक भारत ने 26.51 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सोना और 3.21 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की चांदी का आयात किया है।
First published on: December 16, 2025 09:54 PM