UP में बदले प्रॉपर्टी खरीदने के नियम, घर खरीदने से पहले जान लें नया प्रोसेस
UP News : उत्तर प्रदेश में प्रॉपर्टी खरीदने के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब जमीन या घर खरीदने से पहले खरीदारों को नई प्रक्रिया और दस्तावेज़ों के सत्यापन का सख्ती से पालन करना होगा। सरकार ने रजिस्ट्री, स्वामित्व जांच और ऑनलाइन वेरिफिकेशन (online verification) से जुड़े नियमों में सुधार किए हैं, ताकि धोखाधड़ी के मामलों को रोका जा सके। इससे जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें।
HBN News TV (UP property rules) – उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में जमीन और प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के लिए एक नई और अपडेटेड न्यूनतम सरकारी कीमत (सर्किल रेट) सूची लागू कर दी है। इस कदम का सीधा असर राज्य में जमीन, मकान और फ्लैट की कीमतों पर पड़ेगा।
यह बदलाव विशेष रूप से उन लोगों को प्रभावित करेगा जिनके पास एक से चार मंजिल तक के भवन हैं या जो नया निर्माण करना चाहते हैं। नई व्यवस्था के तहत (Uttar Pradesh real estate), अब हर मंजिल के अविभाजित हिस्से की कीमत अलग-अलग तय की गई है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में अधिक स्पष्टता आएगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से रजिस्ट्री की प्रक्रिया और संपत्ति मूल्यांकन दोनों ही अधिक पारदर्शी हो जाएंगे।
नई प्रॉपर्टी पंजीकरण नियम-
नई सरकारी सूची के अनुसार (Property registration rules UP), पार्क के सामने वाली प्रॉपर्टी या दो सड़कों से घिरे प्लॉट की कीमत अब 10% से 20% तक अधिक मानी जाएगी और ये महंगे रेट पर रजिस्टर्ड होंगे।
कृषि भूमि के लिए नया नियम है कि उसकी कीमत सड़क से दूरी के आधार पर तय होगी; सड़क के जितना करीब खेत होगा, उसका मूल्य उतना अधिक होगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी एजेंसियों (जैसे यूपीसीडा, नोएडा अथॉरिटी) की संपत्तियों पर सरकार द्वारा तय दरें ही मान्य होंगी। यदि दो अलग दरें सामने आती हैं, तो उच्च दर लागू की जाएगी।
भवन मूल्यांकन के नए नियम-
भवन मूल्यांकन में सबसे बड़ा बदलाव (Land buying guidelines) यह है कि अब एक से चार मंजिला इमारतों में प्रत्येक मंजिल का अविभाजित हिस्सा अलग-अलग माना जाएगा। दो मंजिला भवन में यह हिस्सा 50%, तीन मंजिला में 33.33% और चार मंजिला में 25% तय किया गया है।
चार से अधिक मंजिल वाली इमारतों का मूल्यांकन अपार्टमेंट दरों के आधार पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, छत की रजिस्ट्री के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं, जिसके तहत भूमिगत तल की छत पर 50%, पहले तल पर एक-तिहाई और तीसरे तल से ऊपर की छत पर पांचवां हिस्सा लागू होगा।
पुराने भवनों के लिए नई छूट और बढ़ेगी पारदर्शिता-
सरकार (UP government new rules) ने अब मकानों की उम्र के हिसाब से उनकी रजिस्ट्री की कीमत पर मिलने वाली छूट की नई दरें तय कर दी हैं।इन नए नियमों के तहत, जो मकान 20 साल तक पुराने हैं, उनकी सरकारी कीमत पर कोई छूट नहीं मिलेगी।
हालांकि, जिन भवनों की उम्र 20 साल से लेकर 50 साल के बीच है, उन्हें रजिस्ट्री कराते समय उनकी कीमत में 20% से 50% तक की कमी का लाभ मिलेगा, यानी उनकी रजिस्ट्री का मूल्य कम हो जाएगा।सरकार का कहना है कि नए नियम लागू होने से खरीदार और विक्रेता दोनों को स्पष्ट दरें मिलेंगी, किसी तरह की उलझन नहीं रहेगी और रजिस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मकानों की रजिस्ट्री की कीमत पर नई छूट दरें-
सरकार ने अब मकानों की उम्र के हिसाब से उनकी रजिस्ट्री की कीमत पर मिलने वाली छूट की नई दरें तय कर दी हैं.इन नए नियमों के मुताबिक-
– 20 साल तक पुराने मकानों की सरकारी कीमत पर कोई छूट नहीं मिलेगी।
– 20 से 50 साल पुराने भवनों को रजिस्ट्री कराते समय उनकी कीमत में 20% से 50% तक की कमी का लाभ मिलेगा, जिससे रजिस्ट्री का मूल्य कम हो जाएगा।
– इन नियमों का उद्देश्य स्पष्ट दरें सुनिश्चित करना, उलझन दूर करना और रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।
First published on: November 21, 2025 03:12 PM