Haryana News : हरियाणा में कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज, पेंशनरों को भी मिलेगा लाभ
Haryana News : हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत वाला निर्णय लिया है। राज्य में अब सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनरों को कैशलेस इलाज (Haryana cashless treatment) की सुविधा मिलेगी। इससे उन्हें अस्पतालों में भर्ती होने या इलाज कराते समय किसी तरह की अग्रिम राशि नहीं देनी पड़ेगी... आइए नीचे खबर में जान लेते है इससे जुड़ी पूरी डिटेल-
HBN News TV – आयुष्मान भारत-हरियाणा स्वास्थ्य संरक्षण प्राधिकरण ने सभी सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों, पेंशनभोगियों (medical facility for pensioners) और उनके आश्रितों को समग्र कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा (cashless treatment scheme 2025) का लाभ बिना किसी बाधा के मिलना चाहिए। यह योजना प्रदेश भर में पूरी तरह लागू की जाए, इसके लिए जिलों को सख्त आदेश दिए गए हैं।
हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने पिछले वर्ष 1 नवंबर, 2023 को बागवानी और मत्स्य पालन विभाग के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा शुरू की थी। बाद में, एक सरकारी पत्र के माध्यम से इसे पूरे हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (pensioners) तक बढ़ाया गया।
अब प्राधिकरण इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सक्रिय है। प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं के साथ सूचीबद्ध 447 अस्पतालों को पहले ही एच. ई. एम. 2.0 पोर्टल पर जोड़ा जा चुका है, ताकि लाभार्थियों को लाभ मिल सके।
सिविल सर्जनों (civil surgeons) को आदेश दिया गया है कि वे अपने जिले में मौजूद ऐसे सभी अस्पतालों को तुरंत निर्देशित करें, जो डी. जी. कार्यालय के साथ सूचीबद्ध हैं, कि वे सी. सी. एच. एफ. ई. योजना का चयन करते हुए एच. ई. एम. पोर्टल पर अपना सूचीकरण आवेदन जमा करें।
प्राधिकरण का नया निर्देश
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि केवल डी. जी. कार्यालय के साथ सूचीबद्ध अस्पताल ही कैशलेस योजना के तहत मान्य होंगे; अलग से किसी अस्पताल को सूचीबद्ध नहीं किया जाएगा।
सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले के शेष अस्पतालों के आवेदन तुरंत एच. ई. एम. पोर्टल पर जमा करें। इससे कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों को बिना किसी परेशानी के कैशलेस इलाज सुविधा मिल सकेगी।
अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा है कि जिले के सभी पात्र लाभार्थियों को इस योजना (cashless healthcare Haryana) के तहत समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाना सिविल सर्जनों की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही योजना के उद्देश्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसे गंभीरता से लेने को कहा गया है।
सिर्फ पोर्टल पर प्राप्त आवेदन पर ही होगा निर्णय
सरकारी आदेश पत्र के अनुसार, अस्पतालों का सूचीकरण केवल एच.ई.एम. पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर किया जाएगा।डी.जी. कार्यालय के साथ सूचीकरण ही किसी भी अस्पताल की कैशलेस उपचार योजना के लिए मुख्य पात्रता मानी जाएगी। किसी भी अस्पताल को अलग से इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लाभार्थियों (employee health policy) को उपचार प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।
First published on: November 23, 2025 04:29 PM