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Ganga Expressway : कहां से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे, कब से शुरू होगा वाहनों का संचालन, आ गया लेटेस्ट अपडेट

Ganga Expressway : एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि यूपी के सबसे लंबे और सबसे तेज गंगा एक्सप्रेसवे के खुलने की तारीख तय कर दी गई है। 594 किलोमीटर लंबी इस हाईस्पीड सड़क का आखिरी स्ट्रक्चर पूरा होते ही ट्रायल और निरीक्षण के बाद इस पूरी तरह खोल दिया जाएगा... ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में ये जान लेते है कि आखिर कहां से गुजरेगा ये एक्सप्रेसवे-

HBN News TV – (UP Fastest Ganga Expressway Openig Date) उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे और सबसे तेज गंगा एक्सप्रेसवे के खुलने की तारीख तय कर दी गई है। 594 किलोमीटर लंबी इस हाईस्पीड सड़क का आखिरी स्ट्रक्चर पूरा होते ही ट्रायल और निरीक्षण के बाद (After trial and inspection) अगले साल यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। आइए जानते हैं इस ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे (Greenfield Access Control Expressway) की खासियत और खुलने की तारीख क्या है-

 

यूपी में कितने एक्सप्रेसवे​
उत्तर प्रदेश में 15 एक्सप्रेसवे हैं, जो किसी भी अन्य राज्य से सबसे अधिक हैं। इनकी कुल लंबाई करीब 2,700 किलोमीटर है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 6 हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे (1,224 किमी.) ही संचालित हैं। भविष्य में और नए लंबी दूरी वाले एक्सप्रेसवे खुलेंगे, जिससे राज्य के ट्रैफिक सिस्टम (traffic system) को मजबूती मिलेगी। इनमें सबसे लंबा और तेज गंगा एक्सप्रेसवे भी शामिल है, जिसकी खुलने की तारीख तय हो चुकी है।

 

​गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई​

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, जिसकी वर्तमान लंबाई 594 किलोमीटर है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 1,047 किलोमीटर किया जाएगा। परियोजना का उद्घाटन पहले प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj Mahakumbh) 2025 से पूर्व होना था, लेकिन कुछ शेष कार्यों के कारण देरी हुई। अब इसके पूरी तरह खुलने की तारीख तय हो गई है, जिसके लिए बस एक महीने का इंतजार बाकी है।

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चेक करें एक्सप्रेसवे का रूट​

गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज (पूर्व इलाहाबाद) तक जाता है और इसके रास्ते में कुल 12 जिले शामिल हैं। इनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। एक्सप्रेसवे खुलने से इन जिलों और दिल्ली व पूर्वांचल के बीच यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

 

कहां से गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे 

गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ 12 जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा। तीनों एक्सप्रेसवे के एक साथ जुड़ने से सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके अलावा, यह रक्षा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर की हवाई पट्टी बनाई गई है, जहां आपात स्थिति में भारतीय वायुसेना के विमान उतर और टेक-ऑफ कर सकते हैं। एक्सप्रेसवे खुलने के बाद प्रयागराज से दिल्ली का सफर केवल 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

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गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार​

गंगा एक्सप्रेसवे के दूसरे फेज में इसे मेरठ से आगे उत्तराखंड के हरिद्वार (Haridwar of Uttarakhand) तक और प्रयागराज से बलिया तक बढ़ाया जाएगा। पूर्वांचल में यह मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी और गाजीपुर होते हुए बलिया (बिहार की सीमा) तक जाएगा। इस विस्तारित रूट की कुल लंबाई लगभग 350 किलोमीटर होगी। वहीं, मेरठ से हरिद्वार (Meerut to Haridwar) का हिस्सा 110–150 किलोमीटर लंबा होगा, जो मेरठ से मुजफ्फरनगर (Meerut to Muzaffarnagar) होते हुए रुड़की के रास्ते हरिद्वार पहुंचेगा। प्रस्तावित हिस्से की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) का इंतजार है। यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का होगा।

 

​गंगा एक्सप्रेसवे की अधिकतम स्पीड​

गंगा एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटे निर्धारित की गई है। यह यूपी का पहला एक्सप्रेसवे होगा, जिसे आधिकारिक रूप से सबसे तेज़ एक्सप्रेसवे के रूप में जाना जाएगा। इस रफ्तार से मेरठ से प्रयागराज का सफर केवल 8 घंटे में पूरा होगा। जानकारी के मुताबिक, मेरठ-बदायूं समेत पूरा एक्सप्रेसवे तैयार है। 594 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कुल 1,498 बड़े स्ट्रक्चर हैं, जिनमें 1,497 का काम पूरा हो चुका है। जनवरी में इसे ट्रैफिक (traffic) के लिए खोलने की तैयारी है और अगर समय पर सब काम पूरा हो गया तो 15 जनवरी तक इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा। उद्घाटन से पहले इसे ट्रायल के लिए खोला जाएगा।

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​गंगा एक्सप्रेसवे की लागत कितनी है​

गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के पहले चरण के निर्माण पर कुल 37,350 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें से 9,500 करोड़ रुपये से अधिक भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) पर गए, जो 12 जिलों के भूमि मालिकों को मुआवजे के रूप में दिए गए। इस मार्ग पर 28 फ्लाईओवर, 126 छोटे पुल, 381 अंडरपास और रेलवे ओवरब्रिज (ROB) बनाए गए हैं।

First published on: December 08, 2025 03:03 PM

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