DA Arrears : कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, 18 महीने के बकाया डीए एरियर पर सरकार ने दिय बड़ा अपडेट
DA Arrears : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। कर्मचारी लंबे समय से 18 महीने के बकाया डीए एरियर को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि उन्हें इसका लाभ मिलेगा या नहीं। चलिए नीचे खबर जानते हैं -
HBN News Tv – (DA Arrears)। बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) देती है। यह सरकारी कर्मचारियों का अधिकार है। केंद्र सरकार डीए में साल में दो बार जनवरी और जुलाई महीने में संशोधन करती है। इसका कैलकुलेशन सरकारी नियमों (government rules) के अनुसार होता है। सरकार हर 6 महीने के अंतराल मे डीए में बढ़ौतरी करती है। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बढ़ौतरी होती है।
क्या डीए रोक सकती है सरकार?
अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकार महंगाई भत्ते को रोक सकती है या फिर यह कर्मचारियों का अधिकार होता है और सरकार के लिए इसका भुगतान करना जरूरी होता है. फिलहाल इस मुद्दे पर बहस सुप्रीम कोर्ट में जारी है।
सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते (DA) को लेकर एक मामला चल रहा है। कोर्ट ने अभी तक इस मामले पर कोई फैसला नहीं सुनाया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई भत्ता उनका अधिकार है, क्योंकि यह हर 6 महीने में महंगाई से राहत देने के लिए उन्हें दिया जाता है। फिलहाल सभी बंगाल के कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Decision) के फैसले का बेसब्री से इंतजार है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सरकार डीए को रोक सकती है।
4 साल से अटका हुआ कर्मचारियों का डीए –
कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने कर्मचारियों का 2020 और 2021 में 18 महीने के महंगाई भत्ते को रोक दिया था। इस दौरान न ही महंगाई भत्ते में बढ़ौतरी की गई और न ही बकाया डीए (DA Arrears) का भुगतान किया गया। कर्मचारी संगठन लगातार 18 महीने के इस बकाया डीए को जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय बकाया डीए (DA Update) पर कोई विचार नहीं कर रहा है, जिससे लाखों कर्मचारियों की चिंता बढ़ी हुई है और बकाया डीए का इंतजार कर रहे हैं।
डीए भत्ते से जुड़े प्रावधान –
अखिल भारतीय सेवाओं (dearness allowance rules) नियम, 1972 में ये साफ पता चलता है कि अगर किसी कर्मचारी की सेवा शर्तों में महंगाई भत्ता देने का प्रावधान में शामिल किया जाता है तो सरकार को निश्चित रूप से इसका भुगतान करना होगा। हालांकि, सेवा की शर्तों में डीए (DA) के भुगतान की शर्तें भी शामिल की जाती हैं। इसका निपटारा इन्हीं शर्तों के अधीन किया जाने वाला है।
इस बारे में कार्मिक मंत्रालय ने भी 2 जुलाई, 1997 को एक आदेश देशभर के राज्यों और लेखा महानियंत्रक को जारी गया था। इसमें साफ बताया गया था कि भारतीय सेवा नियम के अधीन आने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से महंगाई भत्ते (dearness allowance) का भुगतान किया जाने वाला है। इस बारे में किसी भी विवाद पर फैसला लेने का अधिकार सिर्फ केंद्र सरकार को होता है।
डीए में सरकार ने जोड़ा नया नियम –
इस बात में कोई दौराय नहीं है कि डीए (DA Rule) सरकारी कर्मचारियों का अधिकार है। दूसरी ओर यह भी कहा जाता है कि सरकार कर्मचारियों पर कृपा कर रही है, लेकिन अभी तक इस सवाल को लेकर कोई स्पष्टिकरण सामने नहीं आया है। क्योंकि एक तरफ तो सरकार ने इसे सेवा नियमों के अधीन कर्मचारियों को भुगतान करना अनिवार्य किया है।
डीए (DA News) को सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का हिस्सा माना जाता है। सरकार को इसका भुगतान आवश्यक रूपा से करना अनिवार्य होता है। लेकिन, इसी सेवा नियम में सरकार ने एक नियम भी जोड़ा है कि सरकार महंगाई भत्ते का भुगतान अपनी हालात के आधार पर कर सकती है। इससे यह पता चलता है कि कुछ हद तक महंगाई भत्ता (dearness allowance) पाना सरकार की कृपा पर भी निर्भर करता है।
कर्मचारियों को कब नहीं दिया जाता डीए –
सर्विस रूल्स (service rules) की शर्तों में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जब किसी कर्मचारी को महंगाई भत्ता नहीं देने का अधिकार सरकार के पास होता है। इसमें साफ कहा गया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में डीए को रोका जा सकता है।
इसके अलावा, यदि कोई सरकारी कर्मचारी नियमों को तोड़ता है या फिर उसके खिलाफ कोई आपराधिक कृत्य साबित होता है तो सरकार उसका डीए रोक सकती है। वहीं, सरकार पर यदि वित्तीय संकट आता है और वह महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) के भुगतान की स्थिति में नहीं होती तो भी इसे रोका जा सकता है। जैसा कि उसने कोविड महामारी के दौरान किया था। इसी सर्विस रूल के आधार पर सरकार ने आज तक कर्मचारियों का 18 महीने का बकाया डीए एरियर नहीं दिया है।
डीए के लिए कर्मचारी सरकार को कर सकते हैं चैलेंज –
किसी गैर-आपातकालीन स्थिति या सेवा नियमों से इतर कारणों से सरकार द्वारा कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (dearness allowance) रोकने पर, कर्मचारी इसे चुनौती दे सकते हैं। वे श्रम कानूनों और सेवा नियमों के तहत अपने नियोक्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
कर्मचारी अपनी शिकायत प्रशासनिक न्यायाधिकरण या श्रम न्यायालय में कर सकते हैं। यदि इसके बाद भी कर्मचारी को डीए नहीं मिलता है तो उनके पास अदालत जाने का विकल्प भी होता है।
First published on: August 28, 2025 02:00 PM