UP में बनने जा रहा है एक नया एक्सप्रेसवे, हरियाणा से मिलेगी कनेक्टिविटी
Up expressway : उत्तर प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। अब यहां पर एक और नया एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाला है। इस एक्सप्रेसवे के बनने की वजह से आम लोगों को काफी लाभ होने वाला है। वहीं हरियाणा को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बआरे में।
HBN News Tv (UP new expressway) उत्तर प्रदेश में अब एक और नया एक्सप्रेसवे बनाया जाने वाजा है। इस एक्सप्रेसवे के बनने की वजह से आम लोगों को काफी लाभ होगा। साथ ही साथ राज्य में रोजगार के भी नए नए मौके बनने वाले हैं। एक्सप्रेसवे के माध्यम से यूपी और हरियाणा को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
कनेक्टिविटी को मिलेगी मजबूती-
उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी (UP-Haryana New Expressway) को मजबूत करने के लिए एक नये प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा। अब गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है। इस एक्सप्रेसवे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण डिवेलप कर रहा है।
इस महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (Greenfield Corridor) की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट अंतिम चरण में पैश की जाने वाली है। अधिकारियों के मुताबिक, इसका निर्माण कार्य मार्च 2026 तक शुरू होने की उम्मीद लगाई जा रही है। इसका सीमांकन अंतिम चरण पर चल रहा है।
एक्प्रेसवे की इतनी होगी लंबाई-
इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई के बारे में बात करें तो ये लगभग 650 किलोमीटर लंबा होगा। इसके साथ साथ उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे ये बनने वाला है। जानकारी के लिए बता दें कि ये एक एक्सेस कंट्रोल्ड 4 से 6 लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर (High-speed corridor) होगा, जिसको भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जाने की संभावना है। इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये तक रहने वाली है।
22 जिले को होगा लाभ-
यह एक्सप्रेसवे पू्र्वी उत्तर प्रदेश (UP Expressway) के गोरखपुर से शुरू होकर पश्चिमी यूपी को पार करेगा। पश्चिमी यूपी से होते हुए एक्सप्रेसवे हरियाणा के पानीपत तक जाने वाला है। इस हिसाब से ये यूपी के 20 से 22 जिलों को सीधे तौर पर कनेक्ट करेगा, इनमें बलरामपुर, श्रावस्ती, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली जैसे जिले को शामिल किया गया है।
इन क्षेत्रों को किया जाएगा कवर-
ये कॉरिडोर पूर्वांचल, रूहेलखंड और पश्चिमी यूपी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करने वाला है। पहले ये एक्सप्रेसवे सिर्फ शामली तक ही प्रस्तावित था, जिसको अब पानीपत तक बढ़ाया जाने वाला है। ये Expressway पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच यात्रा के समय को नाटकीय रूप से कम करने वाला है। फिलहाल, पूर्वी यूपी से हरियाणा या पश्चिमी यूपी की यात्रा में 12 से 15 घंटे तक का समय लग जाता हैं। इस नए कॉरिडोर के चालू होने के बाद, यात्रा सिर्फ 7 से 8 घंटों में ही पूरी की जा सकती है।
औद्योगिक हब को मिलेगी कनेक्टिविटी-
ये कॉरिडोर हरियाणा के औद्योगिक हब को पूर्वी यूपी के कृषि और ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत आने वाले हस्तशिल्प और कपड़ा उद्योगों से कनेक्ट किया जाने वाला है। इससे माल ढुलाई में तेजी आने वाली है। लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आने वाली है। पूरे क्षेत्र में आर्थिक व औद्योगिक विकास को तेजी मिलने वाली है। धार्मिक पर्यटन को भी इसकी वजह से बढावा मिलेगा क्योंकि, नेपाल सीमा से सटे जिलों जैसे बलरामपुर और श्रावस्ती से हरिद्वार तक की धार्मिक यात्रा भी सिर्फ 6 ही घंटे में पूरी की जा सकती है।
दो मुख्य चरण में पूरी होगी परियोजना-
परियोजना को दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाने वाला है। पहले फेज में पानीपत से शामली होते हुए पुवायां (शाहजहांपुर) तक, लगभग 450 किमी का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद फेज 2 में पुवायां से गोरखपुर तक, लगभग 300 किमी के हाईवे का निर्माण (construction of highway) होगा।
NHAI ने इस परियोजना की जिम्मेदारी शुरुआत में रायबरेली यूनिट को दे दी थी, जिसको अब अयोध्या यूनिट को सौंपा जाने वाला है। निर्माण कार्य को लगभग 10 पैकेज में विभाजित किए जाने की संभावना है। इसकी वजह से तेजी से, लगभग ढाई साल में, पूरा किया जा सकता है।
First published on: November 29, 2025 06:37 PM