8th Pay Commission : कर्मचारियों का डीए होगा जीरो, सैलरी पर दिखेगा बड़ा असर
8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। हाल ही में सरकार ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को हरी झंड़ी दे दी है। इससे कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही नया वेतन आयोग लागू किया जाएगा। इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि नया वेतन आयोग लागू होते ही डीए जीरो हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर बड़ा असर दिखेगा। चलिए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं।
HBN News Tv – (8th Pay Commission Update)। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन में बदलाव करने के लिए सरकार हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू करती है। फिलहाल कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ मिल रहा है। सातवें वेतन आयोग का गठन (7th Pay Commission ) साल 2014 में किया गया था और इसकी सिफारिशें 2016 से लागू हुई। उस समय कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ा उछाल आया।
अब लंबे समय से कर्मचारी नए वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा कर दी थी। अब 10 महीने के लंबे समय के बाद सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दे दी है। इससे कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि सरकार जल्द ही नए वेतन आयोग को लागू करेगी। इस आयोग की अगुवाई जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना देसाई करेंगी। वेतन आयोग अगले कुछ महीनों में अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा. इससे पहले यह आयोग कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत कर उनकी राय भी लेगा।
इतना तय किया जाएगा फिटमेंट फैक्टर –
जब भी नया वेतन आयोग (new pay commission) लागू होता है तो फिटमेंट फैक्टर को भी संशोधित किया जाता है। सैलरी में बढ़ौतरी के लिए फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम रोल निभाता है। यह वह गुणांक (संख्या) है कर्मचारियों के मूल वेतन को फिटमेंट फैक्टर के साथ गुणा करके नई सैलरी निकाली जाती है। यह मूल रूप से वेतन वृद्धि का निर्धारण करता है।
ब्रोकरेज हाउस कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ और एम्बिट कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी वेतन बढ़ोतरी के लिए यह फिटमेंट फैक्टर 1.8 से 2.46 के बीच रहने की संभावना है। अगर इनके बीच फिटमेंट फैक्टर (fitment factor update) रखा जाता है तो सैलरी में बंपर तेजी होगी।
18 हजार से बढ़कर 32,400 हो जाएगी सैलरी –
कोटक का कहा है कि अनुमान है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर (fitment factor hike) 1.8 लागू किया जा सकता है अगर ऐसा होता है, तो लेवल-1 कर्मचारियों (जैसे चपरासी या अटेंडेंट) का न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये महीना से बढ़कर 32,400 रुपये मंथली हो जाएगी। हालांकि ये 80 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी लगती है, लेकिन असली इजाफा इससे कम होगा क्योंकि नया वेतन लागू होने पर महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) को जीरो हो जाएगा। नया वेतन आयोग लागू होने पर डीए को सैलरी के साथ मर्ज करके जीरो कर दिया जाता है। इससे कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा असर देखने को मिलेगा।
महंगाई भत्ता होगा जीरो (0) –
फिलाहल लेवल-1 कर्मचारियों को 58% महंगाई भत्ता (DA) और HRA मिलाकर लगभग 29,000 मिलते हैं। जब महंगाई भत्ता शून्य (DA Zero) होकर रीसेट होगा, तो इसे बेसिक सैलरी के साथ मर्ज कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि महंगाई भत्ता अलग से न मिलकर, सीधे वेतन का हिस्सा बन जाएगा। इससे कर्मचारियों की कुल सैलरी में कोई कमी नहीं आएगी, बल्कि यह वेतन का ढांचा मजबूत करेगा। बढ़ी हुई बेसिक सैलरी के आधार पर ही HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और पेंशन जैसे अन्य लाभ भी तय होंगे।
पेंशनर्स को भी होगा फायदा-
वेतन आयोग की सिफारिशें केवल नौकरीपेशा कर्मचारियों (Employees News) तक सीमित नहीं रहेंगी. पेंशनर्स की पेंशन भी नए बेसिक पे (basic pay) के आधार पर री-कैलकुलेट की जाएगी। इसका मतलब है कि जब बेसिक वेतन बढ़ेगा, तो पेंशन की राशि भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगी।
कर्मचारियों के लिए क्या बदलेगा –
महंगाई भत्ता को जीरो (DA Zero) करके इसे बेसिक वेतन में शामिल करने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों की कुल कमाई घटेगी। बल्कि, इससे उनकी आय और भविष्य के लाभ बढ़ेंगे, जो राशि पहले डीए के रूप में अलग से मिलती थी, वह अब सीधे बेसिक सैलरी का हिस्सा बन जाएगी, जिससे हर महीने की सैलरी स्ट्रक्चर मजबूत होगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि भविष्य में मिलने वाली इंक्रीमेंट और पेंशन की गणना (pension calculation) भी इसी बढ़े हुए बेसिक वेतन पर होगी, जिससे वे अधिक मिलेंगे।
First published on: November 13, 2025 04:41 PM