8th Pay Commission पर 69 लाख पेंशनर्स को लगा झटका, नए संशोधन के लाभ पर संशय
8th Pay Commission - आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है, जिससे करीब 69 लाख पेंशनर्स को झटका लगा है। नई सिफारिशों और संभावित संशोधनों को लेकर असमंजस बना हुआ है। पेंशनर्स को उम्मीद थी कि वेतन संशोधन का लाभ जल्द मिलेगा। आइए नीचे खबर में जान लेते है इससे जुड़ी पूरी जानकारी-
HBN News Tv – (8th Pay Commission)। केंद्र सरकार ने हाल ही में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC Update) के गठन की घोषणा की है. इस तीन सदस्यीय समिति को न्यायमूर्ति रंजन देसाई की अध्यक्षता में स्थापित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों की समीक्षा करना तथा नई वेतन संरचना के लिए सिफारिशें देना है. यह कदम कर्मचारियों के वेतनमान को वर्तमान आर्थिक परिदृश्य के अनुरूप बनाने के लिए उठाया गया है।
हालांकि, नोटिफिकेशन जारी होते ही कर्मचारियों (employees) और पेंशनरों (pensioners) के बीच असंतोष फैल गया। कई कर्मचारी संगठनों ने दावा किया है कि 8वें वेतन आयोग की ToR में कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान गायब हैं, जो पहले सातवें वेतन आयोग (7th pay commission news) की ToR में शामिल थे।
सबसे मुखर विरोध ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉयीज फेडरेशन (AIDEF) ने जताया है, इस संगठन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) को पत्र लिखकर ToR में सुधार की मांग की है और पेंशनरों को इसमें शामिल करने की अपील की है।
‘69 लाख पेंशनरों को बाहर रखना दुर्भाग्यपूर्ण’-
अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF) ने आठवें वेतन आयोग के लिए जारी की गई संदर्भ शर्तों (ToR) को ‘पूरी तरह से अलग’ बताते हुए अपना कड़ा विरोध जताया है. महासंघ की मुख्य चिंता यह है कि इन नए ToR में वेतन और पेंशन संशोधन से जुड़ी आवश्यक धाराएं शामिल नहीं की गई हैं, जो पिछले वेतन आयोगों में मौजूद थीं।
इसके परिणामस्वरूप, संघ ने बताया कि देश की सेवा में अपने जीवन के तीन दशक से अधिक समय देने वाले लगभग 69 लाख पेंशनरों (pensioners) और पारिवारिक पेंशनरों को इस नए वेतन आयोग (new pay commission) के दायरे से बाहर रखा गया है, जिससे उनके हितों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. पेंशन संशोधन उनका अधिकार है और उनके साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता।
सरकार से संशोधन की मांग-
AIDEF ने पत्र में बताया है कि सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) की ToR में स्पष्ट था कि आयोग को सिफारिशों के प्रभावी होने से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों की पेंशन संरचना और संशोधन पर विचार करना चाहिए। इसके विपरीत, आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest news) की ToR से यह प्रावधान पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिससे पेंशनरों में यह आशंका बढ़ गई है कि उन्हें सामान्य पेंशन संशोधन का लाभ नहीं मिल पाएगा।
संघ की प्रमुख मांगें-
– AIDEF ने सरकार से आग्रह किया है कि ToR में इन बातों के संशोधन किए जाएं
– 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन (pension of retired employees) संशोधन को ToR में शामिल किया जाए
– कम्यूटेड पेंशन की बहाली (Restoration of commuted pension) 11 वर्ष बाद की जाए
First published on: November 10, 2025 02:44 PM