8th pay commission से 69 लाख पेंशनर्स बाहर, जानें पूरा अपडेट
8th pay commission : केंद्र सरकार द्वारा अब जल्द ही 8वें वेतन आयोग का गठन किया जाने वाला है। इस वेतन आयोग के लागू होने से लाखों कर्मचारियों को लाभ होगा। लेकिन हाल ही में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसमें बताया गया है कि वेतन आयोग के 69 लाख पेंशनर्स को लाभ से बाहर रखा जाएगा। खबर में जानिये इस बारे में।
HBN News TV-(8th pay commission Update) केंद्र सरकार द्वारा हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन किया जाता है। सरकार द्वारा 7वें वेतन आयोग का गठन 2016 में किया गया था, ऐसे में इस वेतन आयोग (Pay Commission) को लागू किये पूरे 10 साल होने वाले हैं। इस स्थिति में अब सरकार जल्द ही 8वें वेतन आयोग को लागू करेगी। आइए जानते हैं 8वें वेतन आयोग से जुड़ी पूरी जानकारी।
केंद्र सरकार द्वारा आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया गया है। बता दें कि 8वें वेतन आयोग की शर्तों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। लगभग 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को इसके दायरे से बाहर रखा जा रहा है। इसकी वजह से नाराज ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF kya h) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को पत्र लिखकर इस फैसले में सुधार करने को लेकर अपनी मांग रखी है।
फेडरेशन द्वारा आरोप लगाया गया है कि 7वें वेतन आयोग में पेंशन संशोधन का प्रावधान साफ तौर पर शामिल कर दिया गया था। हालांकि इस बार 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफ्रेंस (Terms of Reference) से ये क्लॉज पूरी तरह हटा दिया जा रहा है। इससे पहले से रिटायर कर्मचारियों की पेंशन बढ़ोतरी पर रोक लगने वाली है।
फेडरेशन द्वारा रखी गई है ये मुख्य मांग-
फेडरेशन द्वारा सरकार के सामने मुख्त रूप से चार मांगों को पेश किया गया है। इसमें से पहली मांग पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग (8th CPC Latest Update) के दायरे में शामिल किया गया है। इसके अलावा नई वेतन और पेंशन संरचना की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 तक तय की जाने वाली है। इसके साथ ही कम्यूटेड पेंशन, जिसका कुछ हिस्सा अग्रिम लिया जाता है, इसको 11 साल (pay commission Latest Update) के बाद बहाल किया जाने वाला है। जोकि 15 साल के बाद होगा। हर 5 साल में 5 प्रतिशत तक पेंशन को बढ़ाने की तैयारी की जाती है।
महंगाई के आंकड़े भी करते हैं माइने-
एक्सपर्ट्स का माननाह है कि महंगाई दर (Inflation Hike) के सही आंकड़े ही वेतन आयोग की सफलता को तय करने वाले हैं। फिलहाल हाउसिंग इंफ्लेशन की गणना सरकारी मकानों के किराए और लाइसेंस फीस से ही की जाने वाली है। जोकि वास्तविक बाजार किराए से मेल बिल्कुल भी नहीं खाती है। उदाहरण के तौर पर, 2017 में जब 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) द्वारा HRA को बढ़ाया गया था हाउसिंग इंफ्लेशन 4.7 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक पहुंच गया था। हालांकि असल किराए में कोई बड़ा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है। इसकी वजह से ये पता चलता है कि गलत आंकड़े (Pay revision) वेतन तय करने की प्रक्रिया पर भी प्रभाव डालने वाले हैं।
इतने समय बाद पैश होगी रिपोर्ट-
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस द्वारा जानकारी देते हुए बताया है कि 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीने बाद पैश करना होगा। इसकी सिफारिशें केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स (Update for pensioners) के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे को तय किया जाएगा। फिलहाल यूनियनों का मानना है कि जब तक सरकार इन खामियों को नहीं सुधारती है तब तक 8वां वेतन आयोग अपने उद्देश्य से भटकने वाला है।
First published on: November 11, 2025 07:10 PM