Haryana में बनेंगे 2 नए नमो भारत कॉरिडोर, 5 शहरों को होगा फायदा
Haryana में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दो नए नमो भारत कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की गई है। इन कॉरिडोर के बनने से राज्य के पांच प्रमुख शहरों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही उद्योग, रोजगार और कनेक्टिविटी में तेजी आने की उम्मीद है.... सरकार जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी में है-
HBN News Tv – (Haryana Namo Bharat Corridor)। गुरुग्राम और फरीदाबाद से आगे बढ़ते हुए, अब केंद्र सरकार ने हरियाणा के छोटे शहरों (टियर-2/टियर-3) को दिल्ली से जोड़ने वाली दो नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर योजनाओं को मंजूरी दी है। इस फैसले से इन शहरों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे दिल्ली तक का सफर घंटों से घटकर मिनटों में हो जाएगा। यह कदम न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट मार्केट (Real Estate Market) के लिए भी बड़ा उछाल साबित होगा।
कमेटी ने दो महत्वपूर्ण रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर को मंजूरी दी है, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 65,000 करोड़ है। इनमें से पहला कॉरिडोर 93 किलोमीटर लंबा होगा, जो सराय काले खां को बावल से जोड़ेगा, जिस पर करीब 32,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। वहीं, दूसरा कॉरिडोर 136 किलोमीटर लंबा है और यह सराय काले खां (Sarai Kale Khan) से करनाल तक जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 33,000 करोड़ है। ये दोनों परियोजनाएं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बता दें कि इस परियोजना को सार्वजनिक निवेश बोर्ड (PIB) से मंजूरी मिलने के बाद अब केंद्र सरकार की अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट के पास भेजा जा रहा है। वहां से मंजूर होते ही इन कॉरिडोर को बनाने के लिए काम शुरू कर दिया जाएगा।
सबसे खास बात है कि इन दोनों कॉरिडोर से हरियाणा (Haryana Namo Bharat Corridor) के करीब 1 दर्जन से ज्यादा शहरों को फायदा मिलने वाला है, वहीं सबसे ज्यादा फायदे में गुरुग्राम, रेवाड़ी, सोनीपत, पानीपत और करनाल जैसे शहर रहने वाले हैं जो नमो भारत कॉरिडोर बनने के बाद इस रैपिड रेल से दिल्ली से सीधे जुड़ जाएंगे।
दिल्ली-NCR के प्रॉपर्टी बाज़ार में उछाल-
विशेषज्ञों के अनुसार, नए कॉरिडोरों (new corridors) को मंजूरी मिलते ही प्रॉपर्टी बाजार में हलचल शुरू हो गई है. उम्मीद है कि आगामी महीनों में गुरुग्राम के अलावा करनाल, रेवाड़ी, बावल, सोनीपत, और पानीपत में रियल एस्टेट (Real Estate in Panipat) निवेश का दायरा तेजी से बढ़ेगा।
गुरुग्राम में बढ़ती कीमतों के कारण लोग पहले से ही इन शहरों में सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं, जिससे ये हाउसिंग और इंडस्ट्रियल हब बन रहे हैं। फास्ट ट्रांजिट सिस्टम (fast transit system) से जुड़ने के बाद इन पांचों शहरों में प्रॉपर्टी की मांग और कीमतों में भारी उछाल आने की प्रबल संभावना है।
क्या है ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD), कैसे बढ़ाएगा शहरीकरण-
आरआरटीएस को मंजूरी के साथ ही केंद्र सरकार ने दिल्ली और हरियाणा सरकारों को सलाह दी है कि वे Value Capture Financing (VCF) जैसे मॉडल के माध्यम से फंडिंग करें, यानी पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Public Infrastrucutre) से आसपास की जमीनों के मूल्य में जो वृद्धि होगी, उसका एक हिस्सा सार्वजनिक परियोजनाओं में निवेश के लिए उपयोग किया जाए।
इतना ही नहीं इन कॉरिडोरों के आसपास ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को बढ़ावा देने की भी सिफारिश की गई है. यानि रेलवे स्टेशन (Railway stations) के आसपास योजनाबद्ध, मिश्रित और उच्च घनत्व वाला विकास होगा, जिसमें आवास, कॉमिर्शयल स्पेस, मनोरंजन और ग्रीन एरिया को एक साथ विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narender Modi) ने हाल ही में कहा भी था कि एनसीआर (NCR) के सभी राज्यों में भाजपा सरकारें होने से विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी. इसका असर जल्द ही दिखाई देने की संभावना है।
सोनीपत और रेवाड़ी में होगा विकास-
एचसीबीएस डेवलपमेंट्स के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सौरभ सहारन के मुताबिक RRTS कॉरिडोर हरियाणा के रियल एस्टेट सेक्टर (Haryana’s real estate sector) के लिए निर्णायक साबित होंगे। दिल्ली से करनाल और बावल तक सुपरफास्ट और सुविधाजनक कनेक्टिविटी से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि गुरुग्राम (gurugram), दिल्ली (Delhi) से सस्ती कीमतों में और लग्जरी घरों में एनसीआर में रहने का लक्ष्य पूरा होगा। खासतौर पर सोनीपत और रेवाड़ी जैसे इलाकों में नई हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की डिमांड कई गुना बढ़ने की संभावना है।
बढ़ेगा ‘वर्क लिव प्ले’ कल्चर-
कुशाग्र अंसल, डायरेक्टर, अंसल हाउसिंग, का मानना है कि सरकार द्वारा ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को प्रोत्साहित करने का निर्णय बेहद महत्वपूर्ण है। RRTS स्टेशनों के पास सुनियोजित और उच्च घनत्व वाला विकास होगा, जो ‘वर्क-लिव-प्ले’ (Work-Live-Play) की आधुनिक शहरी अवधारणा को बढ़ावा देगा। इससे इन क्षेत्रों में हाउसिंग, रिटेल और ऑफिस स्पेस की मांग तेजी से बढ़ेगी। सार्वजनिक परिवहन पर बढ़ती निर्भरता के कारण, यह निर्णय एक सस्टेनेबल अर्बन मॉडल के निर्माण में सहायक होगा।
Property में आएगा परमानेंट उछाल-
अश्वनी कुमार, पिरामिड इंफ्राटेक के अनुसार, RRTS परियोजनाओं में निवेश केवल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना हरियाणा के छोटे शहरों को दिल्ली की तेज गति और अवसरों से जोड़कर विकास को बढ़ावा देगी।
इससे युवाओं के लिए रोजगार, निवेशकों के लिए नए मार्केट और डेवलपर्स के लिए आवास (हाउसिंग) की नई संभावनाएं खुलेंगी। उनका मानना है कि आने वाले वर्षों में इन कॉरिडोरों के आसपास प्रॉपर्टी की कीमतों (property price) में स्थिर और मजबूत वृद्धि देखने को मिलेगी, जो इस क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
First published on: November 15, 2025 12:11 PM